Friday, February 24, 2023

Annual function: Best anchoring script • मंच संचालन शायरी

 

Annual function : Best anchoring script – मंच संचालन शायरी 28 February 2023 

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नमस्कार मित्रों। इस पोस्ट में हम लेकर आए हैं स्कूल कॉलेज में मनाए जाने वाले वार्षिक उत्सव पर मंच संचालन, वार्षिक
उत्सव (annual function)कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने और महफिल में छा जाने वाली दिलकश अंदाज भरी ताजा तरीन और मौलिक शेर शायरियों का संकलन।

वार्षिक उत्सव के इस अवसर पर एनुअल फंक्शन के लिए हमने और भी बहुत मजेदार शायरी और एनिमल एंकरिंग स्क्रिप्ट तैयार की है जिसको आप नीचे दिए गए लिंक पर जाकर पढ़ सकते हैं

Annual function anchoring script and shayari 2023. वार्षिक उत्सव शायरी और एंकरिंग

वार्षिक कार्यक्रम का मंच संचालन हो या आपके विद्यालय महाविद्यालय में किसी भी प्रकार का सांस्कृतिक कार्यक्रम हो उसके लिए आप मंच संचालन के लिए एंकरिंग स्क्रिप्ट और मंच संचालन के लिए बेहतरीन शायरी पीडीएफ के रूप में यहां से डाउनलोड कर सकते हैं। इसके लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें और बेहतरीन मंच स्क्रिप्ट और शायरियों का संकलन प्राप्त करें।

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वार्षिक उत्सव : Annual function कैसे मनाएं : मंच संचालन और वार्षिक उत्सव की तैयारी

प्राय अधिकतर विद्यालय या कॉलेजों में वार्षिक उत्सव या समारोह का आयोजन किया जाता है जिसमें रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाती है। प्रभावी कार्यक्रम दर्शकों का मन मोह लेते हैं और आजकल तो सोशल मीडिया पर भी कार्यक्रम की झलकियां खूब शेयर की जाने लगी है

ऐसे में एक प्रभावी मंच संचालन कार्य बहुत आवश्यक होता है. एंकर जहां अपनी दमदार एंकरिंग से कार्यक्रम में गतिशीलता और तारतम्यता बनाए रखता है वहीं बीच-बीच में प्रस्तुत कार्यक्रमों पर अपनी टिप्पणी देता है या कोई शेर पढ़ता है तो दर्शक तालियां बजाने पर मजबूर हो जाते हैं तो आइए चर्चा करते हैं प्रभावी मंच संचालन या best anchoring for annual function. Best shayari collection for annual function.


कार्यक्रम की रूपरेखा

मंच संचालन तैयारी एवं रूपरेखा

मंच संचालन से पूर्व हमें संपूर्ण कार्यक्रम की रूपरेखा पहले से ही तैयार कर लेनी चाहिए। किस समय पर कौन सा कार्यक्रम प्रस्तुत करना है, कब किसको मंच पर बुलाना है यह सब तैयारियां 1 दिन पूर्व ही कर लेनी चाहिए।

अतिथियों का स्वागत एवं मुख्य अतिथि का चयन

हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी हमारे विद्यालय……….. में वार्षिक उत्सव का आयोजन किया जा रहा है. पधारे हुए सभी अतिथियों का हम विद्यालय परिवार की ओर से स्वागत करते हैं. अतिथि देवो भव. आप हमारे लिए पूज्य हैं अपने व्यस्त कार्यक्रम में से आपने हमारे विद्यालय के लिए समय निकाला और यहां पर उपस्थित हुए जिससे हमारे विद्यार्थियों को प्रोत्साहन मिलेगा। आप सभी का हार्दिक अभिनंदन है

आप हैं हमारे दिल के करीब

आप पर कुर्बान चांद सितारे

हार्दिक अभिनंदन है आपका

हृदय से स्वागत है आपका

जो आप यहां पधारे।

सरस्वती वंदना

किसी भी कार्यक्रम की सफलता के लिए माता सरस्वती की वंदना की जाती है अतः मैं पधारे हुए मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि से निवेदन करूंगा कि वह माता सरस्वती की वंदना एवं गणेश वंदना करें जिससे कार्यक्रम का प्रारंभ किया जा सके

हे शारदे मां!

आपका वंदन करते हैं

श्री पुष्पों की माला चरणों में

आपको अर्पण करते हैं।

विद्या की देवी मां सरस्वती सभी का कल्याण करें सभी को कुशाग्र बुद्धि प्रदान करें

ईश वंदना से आपके अभिनंदन से

उत्सव का आगाज करते हैं

माता सरस्वती की वंदना से

कार्यक्रम की शुरुआत करते हैं।

आप करने जा रहे हैं एनुअल फंक्शन का आगाज। तो सुन ले हमारी भी खास बात आज। हमारी शायरी और एनुअल फंक्शन स्क्रिप्ट को शामिल करें अपने वार्षिक उत्सव में। आपके सिर पर होगा जगमगाता ताज।

एनुअल फंक्शन शायरी

आंधी तूफान से परिंदे कब डरते हैं।

पंखों से नहीं हौसलों से उड़ान भरते हैं।

इस जमी का सितारा हमेशा बुलंद रहेगा,

जिसको देवता भी नमन करते हैं।

***

यह जंजीरे अब हमें बांध नहीं पाएगी।

हम आजाद परिंदे हैं जो खुले आसमान में उड़ते हैं।

वो और होंगे बहरूपिया जो तमाशा करके चले जाते हैं।

हम तो यहां पर इंसानियत का जश्न मनाने आए हैं।

***

संघर्ष और मुसीबतों में ही जीने का असली मजा है।

सुकून से भरी जिंदगी तो दीवानों के लिए सजा है।

यह जमी और यह आकाश, सब तेरा होगा।

बढ़ कदम मजबूती से अंधेरे वीराने में भी, नया सवेरा होगा।

***

खुद में तू इतना विश्वास पैदा कर।

गड़गड़ाती बिजलियों का आकाश पैदा कर।

जमाना झुक जाएगा तेरे कदमों में।

तू एक नया इतिहास पैदा कर।

***

इंसान माटी का पुतला है, मगर माटी नहीं है।

लक्ष्य को भेदना सीख, जिंदगी बार-बार आती नहीं है।

***

आसमा के अंतिम छोर तक पहुंचना है तुझे।

पंख भले ही टूट कर बिखर जाएं।

सितारों में नाम तेरा कुछ इस तरह से रोशन होगा,

किस सारे ग्रह तेरे सम्मान में जलकर जगमगाएंगे।

***

हजारों चांद जगमगा उठे आपके आने से।

हमें सुलभ हुए आपके दर्शन और आशीर्वाद।

इस एनुअल फंक्शन के बहाने से।

**”

कंचन हो तो आपके दिल जैसा।

चंदन हो तो आपके तन जैसा।

अंजन हो तो आपके नूर जैसा।

बंधन हो तो आपके मन जैसा।

**”

मनमंदिर है आपका दिल दरिया है।

आपने जो इस विद्या आंगन को दान कर दिया है।

मानो छोटी नदी और समंदर से भर दिया है।

***

हल्दी भी होगी चंदन होगा।

जुम्हार होगी वंदन होगा अभिनंदन होगा।

आपके आने से खुशियां हुई हजार।

अब खूबसूरत यह एनुअल फंक्शन होगा।

***

मीत को मीत मिले राही को राही।

आपकी तालियों ने हमारी प्रस्तुति सराही।

सितारों की महफिल में खुशियों का संगम है।

वार्षिक उत्सव है तो आज सर्दी भी जरा कम है।

दुनिया होगी। जहान होगा। तू उड़ने की कोशिश तो कर परिंदे। तेरे लिए खुला सारा आसमान होगा।।


वार्षिक उत्सव कविता

वक्त तो यूं ही गुजरता चला जाएगा..

के,वक्त तो यूं हीं गुजरता चला जाएगा… आएंगी मुसीबतें हजारों मगर.. आएंगी मुसीबतें हजारों मगर.. ये कारवां यूं ही हद से आगे निकलता जाएगा।

वक्त का कोई तकाजा नहीं है….के, वक्त का कोई तकाजा नहीं है… कल क्या होगा इसका कोई अंदाजा नहीं है। के वक्त यूं ही गुजरता चला जाएगा। आएंगी मुसीबतें हजारों मगर.. यह कारवां यूं ही हद से निकलता ही जाएगा।

हमें भी बताओ उल्फत की बैचेनियां। हमें भी बताओ उल्फत की बेचैनियां। यह मोहब्बत का सिलसिला कहां तक जाएगा।

तू करना कोशिशें हजार… तू करना कोशिशें हजार.. आए भले ही मुसीबतों का पारावार। लहरों की बेशुमारी से न मानना अपनी हार। फिर देखना एक दिन तेरी हिम्मत के आगे… समंदर भी उतरता चला जाएगा। के वक्त यूं ही गुजरता चला जाएगा।

***

एनुअल फंक्शन के जलवों को आज इस फिजां में बिखर जाने दो।

लहराती ढलती इस रोशन शाम में

सूरज की रोशनी से चंद्रमा की चांदनी को

मिलकर गुजर जाने दो।

एनुअल फंक्शन के जलवों को आज
इस फिजां में बिखर जाने दो।
लहराती ढलती इस रोशन शाम में 
सूरज की रोशनी से चंद्रमा की चांदनी को
मिलकर गुजर जाने दो।
कुछ इंसान इतने नजदीक होते हैं कि 
दूरी में भी अपनेपन का एहसास होता है।
जैसे तपती दुपहरी में बेचैन प्यासे को
फरवरी की ठंडी शीतलता का एहसास होता है।

खूबसूरत यह पल याद आएंगे।

जब तनहाई में कभी हम अपना

स्कूली जीवन का इतिहास उठाएंगे।

जब भी कभी इस शहर से दूर जाएंगे

और वहां अपने किसी बिछड़े को पाएंगे

तो फिर दिल में यह पुराने भाव जगमग आएंगे।

मिलेंगे जब कभी पुराने दोस्तों से

हम फिर बचपन की किताब उठाएंगे

यादों के झूले में झूलेंगे हम

जब पुराने दोस्तों को गली लगाएंगे।

हसरत फिर होगी एक बार जिंदा

जिंदगी की राहों में जिसे छोड़ निकल गए हम आगे

उन भूले बिसरे पन्नों को

जब नई जिल्द में पाएंगे।

एनुअल फंक्शन के कार्यक्रम में शानदार प्रस्तुति के साथ साथ ही एंकर पर भी निर्भर करता है कि वह किस तरह से कार्यक्रम को मोटिवेट करता है।

एनुअल फंक्शन पर यह शायरी का हमारा यह दूसरा कलेक्शन था। इससे पहले भी हमने वार्षिक उत्सव पर बेहतरीन और मौलिक शायरी लिखी हैं तथा आगे भी आपको एनुअल फंक्शन के लिए एंकरिंग स्क्रिप्ट और शायरी यहां पर पढ़ने को मिलेंगी।

इसके अलावा भी आप हमारी वार्षिक उत्सव के लिए लिखी गई शायरी और जोक्स की पोस्ट पढ़ सकते हैं जिनमें आपको एक अलग ही अंदाज मिलेगा।

एनुअल फंक्शन के लिए शायरी और एनुअल फंक्शन के लिए एंकरिंग स्क्रिप्ट तथा एनुअल फंक्शन पर सुनाई जाने वाले मजेदार चुटकुलों के लिए आप हमारी अन्य पोस्ट पढ़ सकते हैं।




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